भरतपुर के सुभाष नगर कॉलोनी में एक सप्ताह से पेयजल संकट विकराल रूप ले चुका है। नलों से गंदा, बदबूदार और मिट्टी युक्त पानी आ रहा है। 500 परिवार दूषित पानी पीने और घरेलू कामों के लिए मजबूर हैं। लीकेज और खराब पाइपलाइन के कारण कॉलोनी में पेट जनित बीमारियां फैल रही हैं।

भरतपुर, 25 दिसंबर। गोलपुरा रोड स्थित सुभाष नगर कॉलोनी में बीते एक सप्ताह से पेयजल संकट ने विकराल रूप ले लिया है। कॉलोनी के लगभग 500 परिवार गंदे, बदबूदार और मिट्टी युक्त पानी के सहारे जीवन यापन करने को मजबूर हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि नलों से निकलने वाला पानी न तो पीने योग्य है और न ही घर की साफ-सफाई के लिए उपयोगी।

स्थानीय नागरिकों ने बताया कि जलदाय विभाग भले ही सुबह-शाम पानी की आपूर्ति कर रहा है, लेकिन पानी दूषित होने के कारण आमजन इसका उपयोग नहीं कर पा रहे। लोग मजबूरी में आरओ प्लांट से पानी खरीदकर पीने को विवश हैं, जबकि नहाने, कपड़े धोने और अन्य घरेलू कार्यों के लिए उन्हें उसी दूषित पानी का उपयोग करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि हाल ही में गेल गैस इंडिया द्वारा गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कों पर खोदे गए गड्ढों के कारण कई जगह पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई हैं। कई उपभोक्ताओं के निजी कनेक्शन भी लीकेज का शिकार हुए हैं, जिससे नालियों और जमीन का गंदा पानी पेयजल लाइनों में मिल गया। यही दूषित पानी अब कॉलोनी के घरों तक पहुंच रहा है।

दूषित पानी के सेवन और उपयोग से कॉलोनी में पेट जनित बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। दस्त, उल्टी, त्वचा रोग और एलर्जी जैसी समस्याओं की शिकायतें बढ़ गई हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, सबसे अधिक खतरा बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर मंडरा रहा है।

स्थानीय निवासी दिनेश शर्मा, अशोक कुमार, विजय शर्मा, भगवान सिंह और अन्य लोगों ने बताया कि एक सप्ताह से हालात बदतर होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “पानी इतना गंदा है कि घर के काम तक नहीं हो पा रहे। शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही। आखिर हम जाएं तो कहां?”

जलदाय विभाग को कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। न तो लीकेज ठीक किए गए और न ही वैकल्पिक स्वच्छ जल की व्यवस्था की गई। कॉलोनीवासी निराशा और रोष दोनों के मिश्रित भाव में हैं, और उन्हें डर है कि यदि समस्या का समाधान जल्द नहीं हुआ तो यह किसी बड़े स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकता है।

यह पेयजल संकट न केवल कॉलोनीवासियों के जीवन को प्रभावित कर रहा है, बल्कि स्वास्थ्य और सामाजिक दृष्टि से भी गंभीर चिंता का विषय बन गया है। अधिकारियों की लापरवाही और पानी की खराब गुणवत्ता ने नागरिकों को जीवन की मूलभूत आवश्यकता से वंचित कर दिया है।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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