डीग के मुढ़िया में जिला कलेक्टर उत्सव कौशल की रात्रि चौपाल ने प्रशासनिक सतर्कता की नई मिसाल पेश की है। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, सरकारी रास्तों से अतिक्रमण हटाने और अंडरपास जल-भराव के स्थाई समाधान के लिए कलेक्टर ने कड़े निर्देश दिए। पूरन प्रकाश बंसल की यह रिपोर्ट सरकारी तंत्र की जवाबदेही और जन-अभाव अभियोगों के त्वरित निस्तारण की पूरी गाथा बयां करती है।

डीग, 06 जनवरी। राज्य सरकार के 'प्रशासन गांवों के संग' विजन को धरातल पर उतारते हुए जिला कलेक्टर उत्सव कौशल ने मंगलवार को नगर उपखंड की ग्राम पंचायत मुढ़िया में रात्रि चौपाल का आयोजन किया। यह आयोजन केवल औपचारिक संवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जिला कलेक्टर के कड़े रुख ने प्रशासनिक मशीनरी को जवाबदेही और पारदर्शिता का स्पष्ट संदेश दिया। देर शाम तक चली इस जन-सुनवाई में ग्रामीण अपनी समस्याओं को लेकर उमड़ पड़े, जहां कलेक्टर कौशल ने एक सजग अभिभावक और सख्त प्रशासक की भूमिका निभाते हुए आमजन की पीड़ा को सुना और मौके पर ही अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की।

चौपाल की शुरुआत में ही शिक्षा की गिरती गुणवत्ता का मुद्दा गरमाया, जब ग्रामीणों ने स्थानीय महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय की शैक्षणिक स्थिति पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। बच्चों के भविष्य को लेकर संवेदनशील नजर आए जिला कलेक्टर ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने शिक्षा अधिकारी को तत्काल विद्यालय का निरीक्षण करने और शैक्षणिक व्यवस्था में आमूलचूल सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि विद्यालय में अनुशासनहीनता या पढ़ाई में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

प्रशासनिक सख्ती का अगला अध्याय अतिक्रमण और बुनियादी सुविधाओं पर केंद्रित रहा। आम रास्तों पर अवैध कब्जे की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उत्सव कौशल ने पुलिस जाब्ते के साथ अतिक्रमण मुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को पाबंद किया कि सार्वजनिक रास्तों पर किसी भी तरह का अवरोध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा क्योंकि यह न केवल जनता को परेशान करता है, बल्कि कानून-व्यवस्था को भी प्रभावित करता है। इसी प्रकार, अंडरपास में जल-भराव की पुरानी समस्या को लेकर उन्होंने तकनीकी अभियंताओं को तलब किया। उन्होंने जल निकासी के लिए तत्काल पंपसेट लगाने और भविष्य में इस समस्या के स्थाई खात्मे के लिए एक विस्तृत तकनीकी 'ब्लूप्रिंट' तैयार करने के आदेश दिए।

इस रात्रि चौपाल के दौरान जिला कलेक्टर ने सुशासन की नई परिभाषा गढ़ते हुए सभी ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त होने वाले प्रत्येक परिवाद को ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि परिवादी को उसकी शिकायत पर हुई प्रगति की सूचना देना अनिवार्य है ताकि प्रशासन और जनता के बीच विश्वास का सेतु और मजबूत हो सके। कार्यक्रम के अंत में उपखंड अधिकारी नगर दुर्गा प्रसाद मीना, तहसीलदार, विकास अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे। पूरन प्रकाश बंसल द्वारा प्रेषित यह रिपोर्ट दर्शाती है कि मुढ़िया की यह रात्रि चौपाल ग्रामीण क्षेत्र में लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण और प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित हुई है।

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