भरतपुर: राष्ट्रीय जंबूरी में राजस्थान का परचम फहराने को तैयार रोवर-रेंजर, शेखावत ने भरा जोश
भरतपुर संभाग के रोवर-रेंजर छत्तीसगढ़ में आयोजित होने वाली प्रथम राष्ट्रीय जंबूरी में राजस्थान का परचम फहराने के लिए तैयार हैं। राज्य संगठन आयुक्त पुरण सिंह शेखावत ने सवाई माधोपुर तैयारी शिविर में युवाओं को अनुशासन और कौशल के साथ देश में सिरमौर बनने का मंत्र दिया। जानिए कैसे 16-25 वर्ष के युवा सांस्कृतिक चेतना और समाज सेवा के साथ राष्ट्रीय मंच पर अपना हुनर दिखाएंगे।

भरतपुर। भारत स्काउट एवं गाइड संगठन के गौरवमयी 75 वर्षों के सफर को यादगार बनाने के लिए राजस्थान के युवा रणबांकुरे अब राष्ट्रीय पटल पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। सवाई माधोपुर के आवासन मंडल स्काउट वन में आयोजित प्रथम राष्ट्रीय जंबूरी व रोवर रेंजर मूट मीट तैयारी शिविर का जायजा लेते हुए राज्य संगठन आयुक्त पुरण सिंह शेखावत ने संभाग के युवाओं में जीत का मंत्र फूंका। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस प्रकार राजस्थान ने पूर्व में स्काउट गाइड जंबूरी में अपनी धाक जमाई थी, ठीक उसी प्रकार आगामी 9 से 13 जनवरी 2026 तक छत्तीसगढ़ के बुडली में आयोजित होने वाली प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी में भी प्रदेश का नाम देश में सिरमौर रहना चाहिए।
शिविर के दौरान शेखावत ने भरतपुर संभाग से आए रोवर-रेंजर्स को बारीकी से प्रशिक्षण की बारीकियां समझाईं। उन्होंने शिविर कला, लेआउट, गैजेट्स, पिट्स और निरीक्षण के साथ-साथ बैक वुडमैन कुकिंग और राज्य गाइड गेट जैसी चुनौतीपूर्ण स्पर्धाओं में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर जोर दिया। इस तैयारी शिविर का मुख्य उद्देश्य न केवल प्रतियोगिताओं की तैयारी करना है, बल्कि युवाओं में सामुदायिक सेवा प्रोजेक्ट, ग्लोबल डेवलपमेंट विलेज और अनुशासन की गहरी भावना विकसित करना भी है। शेखावत ने आह्वान किया कि सभी प्रतिभागी टीम भावना के साथ तन्मयता से कार्य करें ताकि छत्तीसगढ़ की धरती पर राजस्थान की सांस्कृतिक और कौशल विरासत का परचम बुलंद हो सके।
सहायक राज्य संगठन आयुक्त गिरिराज प्रसाद गर्ग ने कार्यक्रम की रूपरेखा स्पष्ट करते हुए बताया कि भरतपुर संभाग के सभी जिलों के चयनित युवा इस गौरवशाली यात्रा का हिस्सा बनेंगे। ये युवा स्काउट गाइड कौशल, एथेनिक शो, लोकनाट्य, लोक कला और लोकगीत जैसी विधाओं में अपनी जड़ों का प्रदर्शन करेंगे, वहीं पायनियरिंग, रक्तदान, यूथ पार्लियामेंट, ओवरनाइट हाइक और डिजास्टर मैनेजमेंट ट्रेनिंग के माध्यम से अपनी शारीरिक और मानसिक दक्षता का परिचय देंगे। सी. ओ. स्काउट गजेंद्र त्यागी, देवेंद्र मीणा और सी. ओ. गाइड सीमा रिजवी एवं दिव्या ने जंबूरी प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जिसमें बताया गया कि 16 से 25 वर्ष की आयु के ये युवा राष्ट्रीय एकता और नेतृत्व क्षमता के नए आयाम स्थापित करेंगे।
इस तैयारी शिविर को सफल बनाने और युवाओं को तराशने में सहायक लीडर ट्रेनर प्रकाश चंद सुमन, मुकुट बिहारी गुप्ता, मुरारी लाल शर्मा, महेश सेजवाल, जुगराज बेरवा, भुवनेश बाबू शर्मा, हीरालाल रावत, रामचरण पंवार, रामजी लाल योगी, योगेश कुमार, दिनेश चंद्र, रामजीलाल बेरवा, हेमवती, चमन मीणा, प्रिया दीक्षित, धर्मराज गुर्जर, धीरज कुमार मीणा और बुद्ध राम सैनी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन प्रशिक्षकों ने न केवल तकनीकी कौशल सिखाया, बल्कि समाज सेवा, वृक्षारोपण, जल संरक्षण और स्वच्छता जैसे जनउपयोगी कार्यों के प्रति भी युवाओं को प्रेरित किया। यह आयोजन राजस्थान की युवा शक्ति के संकल्प और अनुशासन का प्रतीक बनकर उभरा है, जो आगामी राष्ट्रीय प्रतियोगिता में एक नया इतिहास रचने की ओर अग्रसर है।

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