भरतपुर: चुनावी रंजिश में हत्या के मामले में 23 दोषियों को सजा
पीपला गांव में 15 साल पहले हुए खूनी संघर्ष में कोर्ट ने 12 दोषियों को उम्रकैद और 11 अन्य को सात-सात साल के कारावास की सजा सुनाई।

भरतपुर के पीपला गांव में साल 2011 में हुई राकेश की हत्या और खूनी संघर्ष के मामले में सजा सुनाए जाने के बाद दोषियों को सुरक्षा के बीच जेल ले जाती पुलिस।
मामले का संक्षिप्त विवरण
भरतपुर 11 फरवरी। 15 साल पहले हुए एक चुनावी विवाद में एक व्यक्ति की हत्या और अन्य घायलों के मामले में अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या-3 ने 23 लोगों को सजा सुनाई है। जिसमें 12 लोगों को आजीवन कारावास और 11 को 7-7 साल की सजा सुनाई गई है। पुलिस के द्वारा दोनों पक्षों के लोगों को सुरक्षा के बीच सेंट्रल जेल सेवर पहुंचाया।
प्रथम पक्ष: हत्या और हमले की घटना
अपर लोक अभियोजक धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि घटना चिकसाना थाना इलाके के पीपला गांव की है। 16 अगस्त को दयाचंद ने FIR दर्ज करवाते हुए बताया कि:
"मेरा भतीजा गांव के ही बस स्टैंड पर खड़ा था। इस दौरान गांव के ही सौदान सिंह ने अपने परिजनों के साथ मिलकर मेरे भतीजे राकेश के साथ बुरी तरह मारपीट कि जब हमारे परिवार के लोग उसे बचाने के गए तो, सौदान सिंह के परिजनों ने राकेश के परिजनों को भी पीटा। मारपीट के दौरान सौदान सिंह राकेश के गोली मार दी। घटना में राकेश की मौत हो गई। साथ ही हमारे परिजनों के भी चोटें आई।"
दयाचंद ने सौदान सिंह सहित 15 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करवाई:
- गुलाब, मुकेश, होरी लाल, गुड्डू, करतार, चरण सिंह, ओमी, लाखन, भगवान सिंह, रघुवीर, महेश, खजान, भोजा, सौदान, राजू।
कोर्ट का फैसला: 12 को आजीवन कारावास
पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और 15 लोगों के खिलाफ चालान कोर्ट में पेश किया। कोर्ट की तारीखों के दौरान भोजा, सौदान, राजू की मौत हो गई। 12 लोगों को बुधवार को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। जो तीन लोगों की मौत हो चुकी है कोर्ट ने उन्हें भी दोषी माना था।
द्वितीय पक्ष: क्रॉस केस और सजा
अपर लोक अभियोजक धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि दूसरे पक्ष श्याम लाल ने भी 16 अगस्त को चिकसाना थाने में मामला दर्ज करवाते हुए बताया था कि दयाचंद और उसके परिजनों ने मेरे परिवार के ऊपर हमला किया। जिसमें मेरे परिवार के कई लोगों के चोटें आई। श्यामलाल ने 54 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करवाई थी।
पुलिस ने मामले की जांच की और 11 लोगों को आरोपी माना। इस मारपीट में कोर्ट ने निम्नलिखित को दोषी माना:
- तेजपाल, अटल बिहारी, तेजसिंह, टीकम, दयाचंद, रघुवीर, प्रभु, वीरेंद्र, चरण सिंह, दिनेश, नरेंद्र।
पुलिस ने 11 लोगों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। कोर्ट में केस चला और आज कोर्ट ने 11 लोगों को दोषी मानते हुए सभी को 7-7 साल की सजा सुनाई है।
निष्कर्ष
यह मामला चिकसाना थाना इलाके के पीपला गांव का है, जहां 16 अगस्त को दो पक्षों में झगड़ा हुआ था। जिसमें एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मामले की जांच की और 15 लोगों के खिलाफ चालान कोर्ट में पेश किया। कोर्ट की तारीखों के दौरान 3 लोगों की मौत हो गई, लेकिन कोर्ट ने उन्हें भी दोषी माना। दूसरे पक्ष ने भी 54 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करवाई थी, जिसमें पुलिस ने 11 लोगों को आरोपी माना। कोर्ट ने इन 11 लोगों को 7-7 साल की सजा सुनाई है।

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