क्या ध्रुव राठी ने वाकई पछाड़ दिया पीएम मोदी को? सोशल मीडिया पर आंकड़ों का घमासान
यूट्यूब पर ध्रुव राठी बनाम पीएम मोदी! जानें कैसे एक यूट्यूबर ने सब्सक्राइबर्स की दौड़ में प्रधानमंत्री को पीछे छोड़ने का दावा किया और क्या हैं इसके राजनीतिक मायने।

Dhruv Rathee VS PM Modi
Dhruv Rathee vs Narendra Modi YouTube stats : डिजिटल युग की राजनीति अब केवल रैलियों और जनसभाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि यूट्यूब के 'सब्सक्राइब' बटन और इंस्टाग्राम के 'फॉलो' काउंट तक आ पहुँची है। ताजा घटनाक्रम में, जर्मनी स्थित भारतीय यूट्यूबर ध्रुव राठी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूट्यूब सब्सक्राइबर्स की संख्या को पार करने का दावा कर इंटरनेट पर एक नई बहस छेड़ दी है। पिछले 12 वर्षों से सरकार के मुखर आलोचक रहे राठी के इस दावे ने न केवल उनके समर्थकों में उत्साह भर दिया है, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी डिजिटल लोकप्रियता के पैमानों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आंकड़ों की बाजीगरी: कौन कहाँ खड़ा है ?
मार्च 2026 के ताजा आंकड़ों के अनुसार, ध्रुव राठी के मुख्य चैनल ने 31.4 मिलियन (3.14 करोड़) सब्सक्राइबर्स का आंकड़ा छू लिया है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आधिकारिक यूट्यूब चैनल 30 मिलियन (3 करोड़) सब्सक्राइबर्स के साथ दुनिया के सबसे लोकप्रिय राजनेताओं में शीर्ष पर बना हुआ है। हालांकि, तकनीकी रूप से राठी का आंकड़ा मोदी से आगे निकल गया है, लेकिन जानकारों का कहना है कि यह तुलना पूरी तरह 'एप्पल टू एप्पल' (समान) नहीं है। जहाँ पीएम मोदी एक वैश्विक नेता के रूप में 140 करोड़ भारतीयों का प्रतिनिधित्व करते हैं, वहीं राठी एक स्वतंत्र क्रिएटर हैं।
डिजिटल फुटप्रिंट की तुलना (मार्च 2026) :
प्लेटफॉर्म | नरेंद्र मोदी (PM) | ध्रुव राठी (YouTuber) |
यूट्यूब सब्सक्राइबर्स | 3.1 Million | 3.14 Million |
इंस्टाग्राम फॉलोअर्स | 100 Million | 16 . 5 Million |
X (ट्विटर) फॉलोअर्स | 106 Million | 3 .2 Million |
Influencer Narendra Modi has been overtaken by Influencer Dhruv Rathee
— Dhruv Rathee (@dhruv_rathee) March 3, 2026
Truly historic! pic.twitter.com/McKHeIiBk2
प्रतिक्रियाओं का सैलाब और राजनीतिक मायने :
ध्रुव राठी की इस 'डिजिटल जीत' को कांग्रेस नेता अलका लांबा जैसे विपक्ष के समर्थकों ने जनता के असंतोष के प्रतीक के रूप में पेश किया है। समर्थकों का तर्क है कि एक अकेला व्यक्ति बिना किसी सरकारी तंत्र के प्रधानमंत्री से अधिक जुड़ाव (Engagement) हासिल कर रहा है। इसके विपरीत, भाजपा समर्थकों और सोशल मीडिया विश्लेषकों का कहना है कि यूट्यूब सब्सक्राइबर्स केवल 'रीच' दिखाते हैं, 'अनुमोदन' (Approval) नहीं। उन्होंने तर्क दिया कि मोदी की कुल डिजिटल उपस्थिति (इंस्टाग्राम और X मिलाकर) राठी से कहीं अधिक विशाल है। "यह केवल नंबर्स का खेल नहीं है; यह भारत की विभाजित ऑनलाइन राजनीति का प्रतिबिंब है। जहाँ यूट्यूब के आंकड़े बहस तो पैदा करते हैं, लेकिन वे चुनाव के वास्तविक परिणामों या जमीनी नीतिगत प्रभाव से मेल नहीं खाते।" — राजनीतिक विश्लेषक

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
